खेल और काम

: कार्य: आपका कार्य आपको खेलना सिखाता है और आपका खेल आपको कार्य करना सिखाता है। दोनों में से किसी को भी न छोड़ें।नही तो आप दोनों ही नही कर पाएंगे: कुछ समय के लिये अनुपयोगी कार्य आपको कुछ अत्यंत उपयोगी करने के लिए प्रेरित करता है उपयोगी हो कर आप समय व संसाधन खरीदते है जिससे कि आप कुछ समय के लिए अनुपयोगी हो सके।एक कहावत है कि  सिर्फ काम और खेल नही आपको   सिर्फ आलसी ओर नकारा बनाता है लेकिन यह भी सही है कि सिर्फ खेल ओर कोई काम नही आपको महत्वहीन व असहनीय बनाता है।हमे इससे बहार आना होगा।अपने आप को ऐसे महत्वपूर्ण कार्य मे आपको लगाना होगा जो कि आपकी आजीविका चला सके और खेल जो कि आपको तरोताजा ओर सहज कर सके।: खेल आपको शारिरिक रूप से मजबूत और स्फूर्तिवान भी बनायेगा। यह कोई बात नही की आपका कार्य कितना आनंददायक है लेकिन अभी भी यह कार्य ही हैं और आपकी सर्वोत्तम रणनीति यह होगी कि आप इसे कार्य ही समझे।और कितने ही ध्यान वाला आपका खेल हो,आप इसे खेल ही समझे।चाहे वह खेल हो या काम इस पर पूरा ध्यान लगा दे फिर इसे पूर्णतया ध्यान से हटा दे। अपने जीवन को स्वस्थ संतुलन का लाभ लेने दे।  खाली जीवन का रास्ता मात्र यह है कि आप  सिर्फ अपने लिए जीये। इससे ज्यादा ओर कोई कष्ट नही की आप स्वकेंद्रित जीवन जिये।हा , असहनीय खालीपन से बहार आने का हमेशा एक तरीका है कि आप इससे बहार निकल कर किसी की आप  गंभीरता के साथ देखभाल करे ,जोकि स्वय से ज्यादा है आपके जीवन मे एक सुनहरी गर्मजोशी का प्रवेश हो रहा है

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