भयमुक्त बने(HINDI) Be Fearless

जब जिंदगी आपको दुखी होने के हजार कारण बताए,आप जिंदगी  को  बताओ आपके पास खुश होने के  दस हजार कारण है।: हमे खुद में लगातार सुधार कर ,परिवर्तन से  डरना छोड़ना होगा।यह भी उतना ही सच है कि संकट में कही ज्यादा सीखते है। एक व्यक्ति साधु के पास गया और उसने पूछा कि वह ईश्वर को कैसे प्राप्त कर सकता है उत्तर आया तुम भय मुक्त हो जाओ, तुम ईश्वर को प्राप्त कर लोगे।विपत्तियां सामने आने पर आत्मविश्वास डगमगा जाता है,योजनाएं गड़बड़ा जाती है।हर चीज धराशायी होती दिखती है,अप्रत्याशित बाधाएं सामने आ खड़ी होती है । यही उचित समय होता है,भयमुक्त हो  आत्मविश्वास  दिखाने का।बाधाएं  जितनी बड़ी होती है उतना ही भयमुक्त और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती हैं। इंसान सामान्य समय के मुकाबले संकट में दस गुणा सीखता है। मुश्किल ऐसी काल्पनिक व मनोवैज्ञानिक चीज है, जिसके बारे में  हम सोचते हैं और उसकी आशंका से घबरा उठते है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपने विचारों में संतुलन बनाए।संतुलित सोच रखने वाले ज्यादा निडर होते है ।  परिस्थितियों के आये बिना चिन्ता करने से फायदा नही नुकसान होता है। चिन्ता तर्कसंगत साबित नही की जा सकती,यह भविष्य की किसी काल्पनिक स्थिति को लेकर होती है।
: प्रयासों को भी सराहना की आवश्यकता होती है। तारीफ उसको मिलनी चाहिए जो संघर्ष करता है और भयमुक्त होने का यह एकमात्र साधन है ।कोई कोशिश के बाद असफल होता है,तो उसके प्रयास के लिए उसे बधाई दे

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श्री सुरेन्द्र कुमार शुक्ला की कलम से

समय : जो समय की कीमत नहीं करता  , समय उसकी कीमत नहीं करता , जो प्रकृति के साथ समय का उपयोग करता है समय उसके लक्ष्य की ओर ले जाता...