वह परिवर्तन बने

: दृश्यांकन : देखे की कल आप पूरी तरह से सतुष्ट नीँद से जागे है। ईश्वर ,हमारा जीवन ,परिवार, भोजन, घर,नोकरी, मित्र,, मैं  स्वयम ,,लोग परिस्थिति, यातायात,,मौसम,प्रदूषण जैसे भी है मैं इनसे पूरी तरह संतुष्ट हूँ। मैं नियति के प्रत्येक निर्माण की संप्रभुता की भूरी भूरी  प्रंशसा करता हूँ। सुबह की गरम गरम चाय, अपने कर्तव्यों का मुस्कुराते हुए निर्वहन,हर मुलाकात का आनंद, प्रत्येक को आशीर्वाद देते हुयर,ताजे भोजन,सिर्फ  अच्छाई पर ध्यान,आश्चर्य का स्वागत, निराशाजनक परिस्थितियों में भी आशा पूर्ण, यह जीवन मे विश्वास ओर प्रेम के साथ  जी रहा हू मेरा कल आज से कैसे अलग होगा? मेरे जीवन की गुणवत्ता अलग होगी  क्यों कि मैंने अपने कल को बदलने का निश्चय किया है, वह भी जो भी मेरे पास है उसकेसंतोष के एक विचार के साथ।मेरा यह विचार एक  आनंद की अनुभूति उत्पन्न करेगा के साथ ही कृतज्ञता के साथ सही कार्य व व्यवहार को सुंदर बनाएगा । तो में इसलिए अपने शरीर, लोंगो के व ब्रमांड के लिए सकारात्मक ऊर्जा भेजता हूं।इससे मेरा सवास्थ्य अच्छा होगा ,सम्बन्धो  में सुधार होगा और में विश्वशांति में योगदान दे सकूंगा।ओर इसे में दिन प्रतिदिन करूँगा ,इसे दोहराया करूँगा,तो यह मुझमें एक सकारात्मक परिवर्तन लाएगा,यह मेरी दुनिया भी बदल  देगा। में हमेशा अपनी दुनिया बदलने से एक विचार दूर  रहूंगा मेरी दुनिया यहां से कही और नही है।इसकी शुरूआत मेरे अंदर से व मेरे एक विचार से होती है मै एक आत्मा के रूप में अपनी सकारात्मक ऊर्जा को दुनिया मे फैलाता हूं।।यदि में अपने अंदर पवित्रता का भाव उत्पन्न करता हूँ तो यह दुनिया को बदलेगा।यदि मैं मूल्यों के लिए खड़ा रहूंगा तो दुनिया बदलेंगी।यदि मैं दुनिया मे कदम रखूंगा तो मेरा प्रत्येक कार्य  मेरी आंतरिक दुनिया को  प्रदर्शित करेगा।भगवान के बंदे के रूप में हम इस परिवर्तन के कारक है आइये, हम अपने परिवार, अपने देश और पूरी मानवता को प्रभावित करे अपने आप को सकारात्मक बदलाव दे कर।

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